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कà¥à¤¯à¤¾ होता है सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤•? जानें लकà¥à¤·à¤£, कारण, इलाज, पà¥à¤°à¤•ार, जांच à¤à¤µà¤‚ बचाव
आज के इस आधà¥à¤¨à¤¿à¤• दौर में, जहां हम कई सारी उपलबà¥à¤§à¥à¤¯à¤¿à¤¾à¤‚ हासिल कर चà¥à¤•े हैं, वहीं हमें इसके नà¥à¤•सान à¤à¥€ उठाने पड़ रहे हैं। कंपà¥à¤¯à¥‚टर और मोबाइल के दौर में घंटों à¤à¤• की जगह बैठे रहना या गलत अवसà¥à¤¥à¤¾ (Posture) में बैठना वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठअतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• हानिकारक साबित हो सकता है। जैसे कि बात की जाठकमर से जà¥à¥œà¥€ परेशानियों की, कई लोगों में सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• (Slip disc) की समसà¥à¤¯à¤¾ देखने को मिल रही है। कà¥à¤› समय पहले तक इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤° में देखने को मिलता था। लेकिन आज यà¥à¤µà¤¾ वरà¥à¤— à¤à¥€ इसकी चपेट में आ रहा है।
आखिर कà¥à¤¯à¤¾ है सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤•?
इसे हरà¥à¤¨à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ डिसà¥à¤• (herniated disk) के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। हमारी रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ (spinal cord) शरीर के महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤—ों में से à¤à¤• है जो विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरीकों से हमें सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। यह हमारे शरीर के महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤—ों में से à¤à¤• है। हमारी रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ में कà¥à¤² 33 कशेरूका (vertebrae) की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सहारा देने के लिठछोटी गदà¥à¤¦à¥‡à¤¦à¤¾à¤° डिसà¥à¤• रहती हैं। ये डिसà¥à¤• रबड़ की तरह होती हैं जो हमारी रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ को à¤à¤Ÿà¤•ों से बचाने और उसे लचीला रखने में मदद करती हैं। हर डिसà¥à¤• में दो तरह के à¤à¤¾à¤— होते हैं। à¤à¤• आंतरिक à¤à¤¾à¤— जो नरम होता है और दूसरा बाहरी रिंग जो कठोर होती है। जब बाहरी रिंग कमज़ोर पड़ने लगती है तो आंतरिक à¤à¤¾à¤— को बाहर निकलने का रासà¥à¤¤à¤¾ मिल जाता है। इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के नाम से जाना जाता है। इस तरह की परेशानी रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ के किसी à¤à¥€ à¤à¤¾à¤— में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है। लेकिन आमतौर पर इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में देखने को मिलता है।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• से जà¥à¥œà¥‡ कà¥à¤› महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बिंदू:-
1. यह परेशानी महिलाओं के मà¥à¤•ाबले पà¥à¤°à¥‚षों में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखने को मिलती है। इसके कई कारण हो सकते हैं।
2. 30 से 50 वरà¥à¤· की आयॠके लोगों में कमर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में यह समसà¥à¤¯à¤¾ आमतौर पर पाई जाती है।
3. 40 से 60 वरà¥à¤· की आयॠके लोगों में गरà¥à¤¦à¤¨ के पास सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤°à¤¾ में समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है।
4. मौजूदा दौर में 20-25 वरà¥à¤· के à¤à¥€ कई नौजवान सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से जूठरहे हैं।
5. कई बार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• हो जाने के बाद à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते।
6. अधिकांश मौकों पर सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का उपचार बिना सरà¥à¤œà¤°à¥€ के हो जाता है।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के लकà¥à¤·à¤£
अगर आपको कमर के बीच में, निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में कमर दरà¥à¤¦ या फिर रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦ हो रहा हो तो याद रखें यह सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। इसके अलावा जांघ और कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के नज़दीक सà¥à¤¨à¥à¤¨ होना, à¤à¥à¤•ने या चलने में दरà¥à¤¦ होना, पैरों की उंगली या पैर सà¥à¤¨à¥à¤¨ होना, पैरों में कमज़ोरी होना, पेशाब करने में दिकà¥à¤•त होना à¤à¥€ सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में गिने जाते हैं। कà¤à¥€ कà¤à¥€ इसका असर गरà¥à¤¦à¤¨ पर à¤à¥€ पड़ता है जिस वजह से गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦ और जलन हो जाती है। इसके साथ ही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के कंधों और हाथों में दरà¥à¤¦ या हाथों की मांसपेशियों में कमज़ोरी à¤à¥€ आ सकती है।
कà¥à¤› सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में अलग à¤à¥€ हो सकते हैं। लेकिन हां, याद रहे कि à¤à¤¸à¥‡ समय में आप ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक तबीयत ठीक होने का इंतज़ार ना करें। अगर दरà¥à¤¦ कà¥à¤› दिनों में नहीं जाता है तो डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ज़रूर लें। à¤à¤¸à¥‡ समय में आप मेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में à¤à¥€ परामरà¥à¤¶ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकते हैं। हमारी बेहतरीन टीम अपनी सेवाओं के माधà¥à¤¯à¤® से आपको इन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ज़रूर सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेगी।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के पà¥à¤°à¤•ार
मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के तीन पà¥à¤°à¤•ार हैं:-
1. सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल डिसà¥à¤• सà¥à¤²à¤¿à¤ª (Cervical Disk Slip)
यह गरà¥à¤¦à¤¨ में होता है और गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों में से à¤à¤• है। गरà¥à¤¦à¤¨ के साथ ही कंधे की हडà¥à¤¡à¥€, बांह, हाथ, और सिर के पिछले à¤à¤¾à¤— में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ होता है।
2. लंबर डिसà¥à¤• सà¥à¤²à¤¿à¤ª (Lumbar Disk Slip)
यह डिसà¥à¤• सà¥à¤²à¤¿à¤ª रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ के निचले à¤à¤¾à¤— में होती है और इसकी वजह से पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡, कूलà¥à¤¹à¥‡, जांघ, पैर और पैर की उंगलियों आदि में दरà¥à¤¦ होता है।
3. थौरेसिक डिसà¥à¤• सà¥à¤²à¤¿à¤ª (Thoracic Disk Slip)
यह तब होती है जब रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ के बीच के हिसà¥à¤¸à¥‡ में आस-पास दबाव पड़ता है। सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का यह पà¥à¤°à¤•ार कंधे और पीठके बीच में दरà¥à¤¦ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर देता है। इसके साथ ही कà¤à¥€ कà¤à¥€ दरà¥à¤¦ सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• की जगह से होते हà¥à¤ कूलà¥à¤¹à¥‡, पैरों, हाथ, गरà¥à¤¦à¤¨, और पैर के पंजों तक à¤à¥€ जा सकता है।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के चरण
आइठअब बात करते हैं सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के कà¥à¤› चरणों की।
1. पहला चरण
जैसे जैसे उमà¥à¤° बà¥à¤¤à¥€ है, वैसे ही कई लोगों की डिसà¥à¤• में डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ देखने को मिल सकती है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर डिसà¥à¤• में लचीलापन कम हो जाता है। अतः वह कमज़ोर होने लगती है।
2. दूसरा चरण
बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤° के दौरान डिसà¥à¤• में रेशेदार परतों के बीच दरारें आने लगती हैं। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उनका à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ दà¥à¤°à¤µ बाहर आ सकता है।
3. तीसरा चरण
तीसरे चरण में नà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¸ (nucleus) का à¤à¤• à¤à¤¾à¤— टूट सकता है।
4. चौथा चरण
इस चरण में डिसà¥à¤• के à¤à¥€à¤¤à¤° का दà¥à¤°à¤µ नà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¸ पलà¥à¤ªà¥‹à¤¸à¤¸ डिसà¥à¤• से बाहर आना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है और इसके फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ में रिसाव की समसà¥à¤¯à¤¾ होे जाती है।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के कारण
1. बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤°
जैसे जैसे उमà¥à¤° बà¥à¤¤à¥€ जाती है, डिसà¥à¤• कमज़ोर होने लगती है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• होने का खतरा बॠजाता है।
2. जीवनशैली
देखा जा रहा है कि कई लोग गलत सीटिंग पोशà¥à¤šà¤° में बैठकर घंटों काम करते रहते हैं। ये गतिविधि सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का कारण बन सकती है। साथ ही लेट कर या à¤à¥à¤• कर पà¥à¤¨à¤¾, अचानक à¤à¥à¤•ना, शारीरिक गतिविधि कम होना या अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• शारीरिक शà¥à¤°à¤® करना, देर तक डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤¿à¤‚ग करना, दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ में चोट लगने आदि से डिसà¥à¤• पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है।
3. कमज़ोर मांसपेशियां
अपनी मांसपेशियों को कमज़ोर ना होने दें। कमज़ोर मांसपेशियां à¤à¥€ सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का कारण बन सकती हैं।
4. धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨
आज के दौर में कई लोग धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ जैसी गतिविधियों को अपने जीवन का हिसà¥à¤¸à¤¾ बना बैठे हैं। लेकिन याद रहे, धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ सेहत के लिठतो हानिकारक है ही, साथ ही ये आपके डिसà¥à¤• को कमज़ोर करने में à¤à¥€ अपना योगदान देता है।
5. à¤à¤¾à¤°à¥€ वज़न उठाना
कà¤à¥€-कà¤à¥€ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• वज़न उठाने पर à¤à¥€ सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• की शिकायत हो सकती है। कोशिश करें कि शरीर को घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¥‡ समय या फिर मà¥à¥œà¤¤à¥‡ हà¥à¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वज़न ना उठायें। अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ यह à¤à¥€ सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का कारण बन सकता है।
6. मोटापा
शरीर का वज़न ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने पर à¤à¥€ सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है।
7. चोटिल डिसà¥à¤•
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन वाले सामान उठाने, गिरने, धकà¥à¤•ा लगने, à¤à¤•दम से कोई शारीरिक गतिविधि करने या फिर किसी तरह का वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से हमारी डिसà¥à¤• पर दबाव पड़ सकता है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠसकती है।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• की जांच
आपको सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• है या नहीं, इसका पता लगाने के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से कà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ किठजाते हैं। जैसे किः-
1. फिज़िकल टेसà¥à¤Ÿ
इस टेसà¥à¤Ÿ के दौरान डाॅकà¥à¤Ÿà¤° आपको चलने-फिरने या फिर दौड़ने के लिठबोल सकते है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठताकि आपकी सामानà¥à¤¯ गतिविधि के दौरान शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लग जाà¤à¥¤
2. à¤à¤•à¥à¤¸-रे
अगर रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ में चोट लगी हो तो डाॅकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤•à¥à¤¸-रे के माधà¥à¤¯à¤® से उसका पता लगा सकते हैं।
3. à¤à¤®.आर.आई.
इससे यह मालूम चल जाता है कि डिसà¥à¤• अपनी जगह से खिसकी है या नहीं। या फिर यह जांच हो सकती है कि यह तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° (nervous system) को किस रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर रही है।
4. सी.टी. सà¥à¤•ैन
अगर डिसà¥à¤• में कोई चोट लगी है, उसके आकार या दिशा में कोई फरà¥à¤• आया है तो उसे सी.टी. सà¥à¤•ैन के माधà¥à¤¯à¤® से देखा जा सकता है।
5. मायलोगà¥à¤°à¤¾à¤®
यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ टेसà¥à¤Ÿ है जिसमें रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤• तरल रूपी डाई इंजेकà¥à¤Ÿ किया जाता है। उसे इंजेकà¥à¤Ÿ करने के बाद à¤à¤•à¥à¤¸-रे किया जाता है और यह पता लगाया जाता है कि रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ या नसों पर किस तरह का दबाव पड़ रहा है।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का इलाज
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• का इलाज वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की समसà¥à¤¯à¤¾ पर आधारित रहता है, जैसे कि डिसà¥à¤• कितनी सà¥à¤²à¤¿à¤ª हà¥à¤ˆ है। आमतौर पर कà¥à¤› तरह के इलाज पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ हैं, जैसे किः
1. फिज़ियोथैरेपी
कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® (exercise) के माधà¥à¤¯à¤® से सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के दरà¥à¤¦ को कम करने में सहायक होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ समय पर आप मेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² से संपरà¥à¤• कर सकते हैं। हमारे फिजिकल थैरेपी टà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤° आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ से परिचित कराà¤à¤‚गे जो कि आपकी कमर à¤à¤µà¤‚ नज़दीकी मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक होंगे।
2. दवाईयां
कà¥à¤› मौकों पर मांसपेशियों के खिंचाव को दूर करने के लिठडाॅकà¥à¤Ÿà¤° दवाईयों से उपचार कर सकते हैं।
3. ओपन सरà¥à¤œà¤°à¥€
अगर मरीज़ को वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और दवाई लेने के महीने à¤à¤° बाद à¤à¥€ आराम नहीं मिलता है तो डाॅकà¥à¤Ÿà¤° हालात को देखते हà¥à¤ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की मदद ले सकते हैं। जैसे कि à¤à¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€ है जिसे माइकà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤¿à¤¸à¥à¤•ेटाॅमी कहा जाता है। इसमें पूरी डिसà¥à¤• को निकालने के बजाय सिरà¥à¤« कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ à¤à¤¾à¤— को निकाल दिया जाता है। इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¥à¤•ने और अनà¥à¤¯ कारà¥à¤¯ में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता और इसके माधà¥à¤¯à¤® से रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ में पहले जैसा लचीलपन आ जाता है।
इसके अलावा कà¥à¤› अनà¥à¤¯ सरà¥à¤œà¤°à¥€ जैसे सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² फà¥à¤¯à¥‚जन और लेमिनेकà¥à¤Ÿà¤¾à¥…मी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— à¤à¥€ सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के इलाज के लिठकिया जा सकता है।
4. मिनिमली इनà¥à¤µà¥‡à¤¸à¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€
यह आमतौर पर होने वाली सरà¥à¤œà¤°à¥€ से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है। इसमें छोटे चीरे के माधà¥à¤¯à¤® से सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जा सकती है। इसके साथ ही इस तरह की सरà¥à¤œà¤°à¥€ को ओपन नेक और बैक सरà¥à¤œà¤°à¥€ के मà¥à¤•ाबले सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी माना जाता है।
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• से बचाव
सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• को पूरà¥à¤£ रूप से बचाना बेहद कठिन है, लेकिन अगर आप कोशिश करें तो इसके होने का खतरा कम कर सकते हैं। नीचे दिठगठकà¥à¤› महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से समà¤à¥‡à¤‚।
1. जब à¤à¥€ वज़न उठाà¤à¤‚, सावधानी बरतें। वज़न à¤à¤¾à¤°à¥€ होने के दौरान पीठके बल उठाने के बजाय घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ कर वज़न उठाà¤à¤‚।
2. अपने शरीर को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ वज़न में रखें। शरीर का वज़न à¤à¤¾à¤°à¥€ होने पर विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
3. जितना हो सके नियमित तौर पर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें। अपनी मांसपेशियों को मज़बूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ पर खासतौर से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
4. वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के साथ यह ज़रूरी है कि आपका à¤à¥‹à¤œà¤¨ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• हो। सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• के जोखिम को कम करने के लिठà¤à¤¸à¥‡ आहार लें जिसमें विटामिन सी, डी, ई, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ हो। साथ ही हरी सबà¥à¥›à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मौसमी फल का à¤à¥€ सेवन ज़रूर करें।
5. ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक à¤à¤• ही पाॅजिशन में ना बैठें। अगर आप कंपà¥à¤¯à¥‚टर के सामने बैठते हैं तो कोशिश करें थोड़े समय में उठकर सीधे खड़े हो जाà¤à¤‚, कà¥à¤› कदम घूम लें, या मà¥à¤®à¤•िन हो तो थोड़ी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग करलें।
6. सोते समय सही गदà¥à¤¦à¥‡ और बिसà¥à¤¤à¤° चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ और अपनी पीठको सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखें।
7. ऊंची हीलà¥à¤¸ या फà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ चपà¥à¤ªà¤² पहनने से बचें। हाई हीलà¥à¤¸ के फà¥à¤Ÿà¤µà¤¿à¤¯à¤° पहनने के कारण कमर पर दबाव पड़ता है। और बात की जाठफà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ चपà¥à¤ªà¤² की, तो इसे पहनने से पैरों के आरà¥à¤š को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहंà¥à¤š सकती है।
8. आयोजनों या अनà¥à¤¯ किसी जगह पर à¤à¤• ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक खड़े ना रहें। बैठते और काम करते समय अपनी पीठको सीधा रखें।
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